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जब भक्त की बैलगाड़ी भगवान के हाथ में आ जाती है तो उस भक्त का कल्याण तय है। जया किशोरी

जब भक्त की बैलगाड़ी भगवान के हाथ में आ जाती है तो उस भक्त का कल्याण तय है। जया किशोरी

नानी बाई रो मायरो में 56 करोड़ का भरा मायरा

 


हरदा/ नेहरू स्टेडियम में चल रही विश्व विख्यात जया किशोरी द्वारा नानी बाई का मायरो कथा में नानी बाई रो मायरो में रविवार को कृषि मंत्री कमल पटेल कमल सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष संदीप पटेल सुदीप पटेल ने 56 करोड़ का मायरा भरा गया। इस प्रसंग के तहत आकर्षक सजीव झांकी भी सजाई गई। यह भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। इस मौके पर कथा वाचक जया किशोरी ने कहा कि नानी बाई के ससुराल पक्ष ने सवा 25 मन सुपारी, सवा 25 मन रौली, 80 हजार सोने की मोहरे, 1 करोड़ रुपए रोकड़ व 2 सोने की ईंट मायरा पत्रिका में मांगी थीं। इस पर भी नरसी व्यथित नहीं हुए, क्योंकि उन्हें अपने ठाकुर पर पूरा विश्वास था। मायरा देने के लिए साथ चलने के लिए नरसी ने अपने भाइयों व नगरवासियों को आग्रह किया लेकिन उनकी दशा देखकर कोई उनके साथ नहीं लगा केवल उनकी भजन मंडली के 16 सूरदास ही बैलगाड़ी में बैठकर मायरा भरने गए। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्त की गाड़ी पार करने के लिए कारीगर बनकर गाड़ी सुधारने के लिए आए और भक्त की गाड़ी को उन्होंने स्वयं ही संभाल लिया। जब भक्त की बैलगाड़ी भगवान के हाथ में आ जाती है तो उस भक्त का कल्याण तय है। उन्होंने नरसी की चिंता दूर करते हुए 56 करोड़ का भात भरा जो कि नानी बाई के ससुराल पक्ष से आई मायरा पत्रिका से 4 गुणा बड़ा था। समापन पर आयोजक कमल सांस्कृतिक मंच संदीप पटेल श्रीमती कोमल सुदीप पटेल ने आभार जताया।

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